Kapsad Case: मेरठ के कपसाड़ गांव में एक दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के कथित अपहरण का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी पारस सोम को कड़ी सुरक्षा के बीच मेरठ के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में पेश किया। कोर्ट परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। आरोपी ने अपना चेहरा कपड़े से ढका हुआ था और उसे सीधे कोर्ट रूम में ले जाया गया, जिससे मीडिया उसे कोई सवाल नहीं पूछ पाई।
कोर्ट में पेशी के बाद पारस सोम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हालांकि, इस पेशी से एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है: मृतक महिला की बेटी कहां है, जिसे आरोपी के साथ बरामद किया गया था और उसका बयान कहां दर्ज किया गया?
मृतक महिला की बेटी की क्या स्थिति है?
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने शुरू में कहा था कि मृतक महिला की बेटी का बयान भी कोर्ट में दर्ज किया जाएगा। हालांकि बाद में पता चला कि युवती का बयान कोर्ट के बजाय किसी दूसरी जगह पर गुपचुप तरीके से दर्ज किया गया। इससे पुलिस द्वारा मामले को संभालने के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।
पूरा मामला क्या है?
यह घटना पिछले गुरुवार को सामने आई। आरोप है कि कपसाड़ गांव में एक दलित महिला अपनी बेटी के साथ खेतों में जा रही थी, तभी पारस सोम आया और उसने महिला पर हमला कर दिया। आरोप है कि जब महिला ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया और उसकी बेटी को अपने साथ ले गया। महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
शनिवार शाम को पुलिस ने आरोपी पारस सोम को गिरफ्तार कर लिया और मृतक महिला की बेटी को भी बरामद कर लिया। इसके बाद यह पूरा मामला गंभीर राजनीतिक और सामाजिक आयामों में बदल गया।
प्रेम प्रसंग या अपहरण? दो विरोधाभासी दावे
गांव वालों का दावा है कि आरोपी पारस और युवती लंबे समय से रिश्ते में थे और अक्सर संपर्क में रहते थे। हालांकि पीड़िता के परिवार का आरोप है कि यह प्रेम प्रसंग नहीं बल्कि जबरन अपहरण का मामला था। परिवार का दावा है कि उनकी बेटी को जबरन ले जाया गया और जब उसकी मां ने विरोध किया, तो उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस जांच पर कई सवाल
पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है। वे युवती के बयान, कॉल डिटेल्स, घटनास्थल से मिले सबूतों और दोनों पक्षों के दावों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे। हालांकि यह बात कि उस जवान महिला का बयान पब्लिक में नहीं लाया गया है या कोर्ट में पेश नहीं किया गया है, कई सवाल खड़े कर रही है जिनके जवाब अभी तक नहीं मिले हैं।
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यह मामला सिर्फ़ हत्या और किडनैपिंग से ही नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था से भी जुड़ा है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और कोर्ट की कार्यवाही से ही सच्चाई सामने आएगी।













