KGMU Controversy: लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) शुक्रवार, 9 जनवरी को विवादों में घिर गई, जब उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की वाइस चेयरपर्सन अपर्णा यादव लगभग 200 समर्थकों के साथ यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचीं। यह घटना एक महिला डॉक्टर के खिलाफ गंभीर आरोपों से जुड़ी थी, और यादव ने प्रशासन की कथित निष्क्रियता का विरोध करने के लिए KGMU के वाइस-चांसलर (VC) से मिलने की कोशिश की। स्थिति नारेबाज़ी, विरोध प्रदर्शन और कैंपस में तोड़फोड़ में बदल गई, जिसके बाद व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
पूरी कहानी क्या है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, KGMU के एक डॉक्टर, रमीजुद्दीन पर रेप, जबरन गर्भपात और एक महिला डॉक्टर पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने के गंभीर आरोप हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना करीब एक हफ़्ते पहले हुई थी। पीड़िता की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है, और आरोपी डॉक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना सामने आने के बाद से KGMU प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
अपर्णा यादव ने यह मुद्दा क्यों उठाया?
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की वाइस चेयरपर्सन अपर्णा यादव ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि KGMU प्रशासन ने शुरू में पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और समय पर और निर्णायक कार्रवाई करने में नाकाम रहा। यादव ने दावा किया कि आरोपी को बचाने के लिए दबाव डाला गया और उसे बचाने की कोशिशें की गईं। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर महिलाओं की सुरक्षा के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
इन्हीं आरोपों के विरोध में अपर्णा यादव अपने समर्थकों के साथ KGMU कैंपस पहुंचीं और वाइस-चांसलर से मिलने की मांग की। स्थिति तनावपूर्ण हो गई और जल्द ही अराजक माहौल में बदल गई।
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कैंपस में बढ़ा तनाव
बढ़ते हंगामे को देखते हुए KGMU प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस बल के आने के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। वाइस-चांसलर के ऑफिस के आसपास तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आईं। प्रशासन ने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के इतनी बड़ी संख्या में लोगों का कैंपस में आना यूनिवर्सिटी के माहौल को खराब करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हस्तक्षेप
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर्णा यादव को बुलाया और उनसे पूरी घटना पर चर्चा की। इस बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार इस मामले में कोई नरमी नहीं दिखाना चाहती है।
KGMU प्रशासन का स्पष्टीकरण
अपर्णा यादव के आरोपों पर जवाब देते हुए KGMU प्रशासन ने साफ किया कि शिकायत मिलते ही नियमों के अनुसार तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। प्रशासन ने आरोपी को बचाने के आरोपों से पूरी तरह इनकार किया। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में पूरा सहयोग दिया गया और महिलाओं की सुरक्षा यूनिवर्सिटी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
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प्रशासन ने यह भी आरोप लगाया कि बिना इजाज़त कैंपस में घुसने से जो गड़बड़ी हुई, उससे पढ़ाई और मेडिकल माहौल पर असर पड़ा। उन्होंने आगे भविष्य में सभी कानूनी कार्यवाही में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।














