New Delhi: भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति अब यूरोप तक पहुंचने जा रही है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और एनपीसीआई इंटरनेशनल (NIPL) ने यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसके तहत भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) यूरोप के इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम TIPS यानी Target Instant Payment Settlement से जोड़ा जाएगा। दोनों संस्थानों ने इसके “Realisation Phase” को शुरू करने पर सहमति दे दी है। इसका मतलब है कि अब तकनीकी इंटीग्रेशन और सुरक्षा मानकों का काम तेजी से आगे बढ़ेगा।
किन यूरोपीय देशों में चलेगा UPI?
UPI–TIPS लिंकिंग शुरू होते ही भारतीय पर्यटक कई यूरोपीय देशों में सिर्फ QR स्कैन करके भुगतान कर सकेंगे। शुरुआती चरण में यह सुविधा इन देशों में उपलब्ध होगी:
- फ्रांस
- जर्मनी
- स्पेन
- इटली
- नीदरलैंड
- बेल्जियम
- ऑस्ट्रिया (संभावित)
भारतीय यात्री होटल, रेस्तरां, टैक्सी, शॉपिंग स्टोर और पर्यटक स्थलों पर बिना कार्ड या कैश की जरूरत के सीधे अपने भारतीय बैंक खाते से भुगतान कर पाएंगे।
कार्ड और कैश की जरूरत खत्म
UPI के यूरोप में शुरू होने के बाद भारतीय पर्यटकों को कई फायदे मिलेंगे:
- विदेशी कार्ड की जरूरत नहीं
- हाई कन्वर्ज़न चार्ज नहीं
- कैश कैरी करने का झंझट नहीं
- QR स्कैन करें और तुरंत पेमेंट हो जाए
- सुरक्षित और रियल-टाइम ट्रांजैक्शन
सबसे दिलचस्प बात यह कि यूरोप से भारत आने वाले पर्यटक भी UPI का इस्तेमाल कर सकेंगे।
व्यापार जगत को होगा बड़ा लाभ
इंटरनेशनल पेमेंट आसान होने से भारत और यूरोप के कारोबारियों को फायदा होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक:
- अंतरराष्ट्रीय पेमेंट तेज होंगे
- फीस कम हो जाएगी
- छोटे कारोबारियों के लिए फायदेमंद
- व्यापार में ज्यादा पारदर्शिता
- ई-कॉमर्स और टूरिज्म सेक्टर को बूस्ट
यूरोप के छोटे और मध्यम उद्यमी भी इस नई प्रणाली को लेकर उत्साहित हैं।
कब शुरू होगी यह सुविधा?
RBI, NPCI और ECB अभी तकनीकी ढांचे, सेटलमेंट मैकेनिज्म और सुरक्षा को अंतिम रूप दे रहे हैं। अधिकारियों की मानें तो यह सुविधा 2026 की पहली छमाही में लॉन्च कर दी जाएगी।
यह पहल G20 देशों के उस विज़न का हिस्सा है जिसमें वैश्विक डिजिटल पेमेंट सिस्टम को एकसमान और आसान बनाने की बात कही गई थी।
भारत–EU FTA को भी मिलेगा बूस्ट
भारत और यूरोपीय संघ के बीच Free Trade Agreement (FTA) की बातचीत अंतिम चरण में है। विशेषज्ञों का मानना है कि UPI–TIPS लिंकिंग से:
- वित्तीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी
- भुगतान की जटिलता कम होगी
- व्यापार को गति मिलेगी
यह FTA के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
UPI की बढ़ती वैश्विक मौजूदगी
UPI पहले ही कई देशों में मौजूद है:
- सिंगापुर
- UAE
- नेपाल
- भूटान
- श्रीलंका
- ओमान
- मॉरीशस
अब यूरोप जुड़ने के बाद UPI का Global Payment Standard बनना लगभग तय माना जा रहा है।














