Islamabad: पाकिस्तान में एक बार फिर राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तीन सप्ताह से परिवार या कानूनी टीम से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह रोक किस आधार पर लगी है, इस पर सरकार और जेल प्रशासन ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। इसी अनिश्चितता ने इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिवार ने लगाए ये आरोप
परिवार का कहना है कि वे सिर्फ मुलाकात का समय चाहते हैं और खान की स्थिति देखना चाहते हैं, लेकिन हर बार उन्हें जेल प्रशासन ने वापस लौटा दिया। बहनों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी वजह के रोका जा रहा है और खान को एकांत में रखा गया है। वकीलों का भी दावा है कि पिछले कई दिनों से उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया।
इमरान खान को तीन सप्ताह से परिवार से मिलने नहीं दिया गया, जिससे पाकिस्तानभर में नाराज़गी बढ़ रही है। उनकी बहन और PTI समर्थक अदीयाला जेल के बाहर देर रात विरोध में जुटे।#ImranKhan #PTI #AdialaJail #PakistanProtests #AsimMunir pic.twitter.com/2yhpy3Fsmy
— Aaj Ka Aaina (@aajkaaaina) November 26, 2025
अदीयाला जेल के बाहर देर रात विरोध
इन्हीं हालातों में इमरान खान की बहनें और PTI समर्थक अदीयाला जेल के बाहर देर रात शांतिपूर्ण विरोध में जुटे। उनका कहना है कि वे सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि खान सुरक्षित हैं या नहीं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भारी तैनाती रही, जिससे तनाव बढ़ता दिखा। PTI नेताओं का कहना है कि सरकार जानबूझकर मुलाकात रोक रही है ताकि खान तक किसी की पहुंच न हो सके।
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सोशल मीडिया पर उभरी नाराज़गी
सोशल मीडिया पर भी देशभर से लोगों ने नाराज़गी जताई। “Where is Imran Khan?” हैशटैग पूरे पाकिस्तान में ट्रेंड करने लगा। कई लोगों ने पूछा कि एक पूर्व प्रधानमंत्री को इस तरह बिना जानकारी के रखने का क्या औचित्य है। कुछ विदेशी मीडिया पोर्टलों ने उनकी सेहत को लेकर अफवाहें भी चलाईं, जिससे हालात और गंभीर हो गए। हालांकि अभी तक किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंता
मानवाधिकार संगठनों ने भी इस स्थिति को चिंता का विषय बताया है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन रोकना और मुलाकात पर अनौपचारिक रोक लगाना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता रखने और खान की स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है।
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लोकतांत्रिक पारदर्शिता पर बड़ा सवाल
पाकिस्तान में पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है। ऐसे में इमरान खान से जुड़ी यह अनिश्चितता जनता के गुस्से को और बढ़ा रही है। PTI ने कहा है कि जब तक खान की लाइव उपस्थिति या आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट जारी नहीं होती, वे विरोध जारी रखेंगे।
इमरान खान का मामला अब सिर्फ एक नेता की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा। यह पाकिस्तान में लोकतंत्र, पारदर्शिता और मानवाधिकार की स्थिति पर बड़ा सवाल बन गया है। सरकार कब तक चुप्पी साधे रहती है और कब परिवार को मुलाकात की अनुमति मिलती है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।














