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Shani Dev Ki Aarti: शनिवार को क्यों करनी जरूरी? जानें महत्व और पूरी आरती

On: December 6, 2025 11:34 AM
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Shani Dev Ki Aarti Saturday Puja Importance and Meaning
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New Delhi: हिंदू धर्म में शनि देव के बारे में जितनी कहानियाँ सुनी जाती हैं, उतनी ही गलतफहमियाँ भी पलती हैं। किसी के लिए वे डर हैं, किसी के लिए न्याय हैं, और कुछ लोगों के लिए आशा। शनिवार का दिन सिर्फ कैलेंडर की तारीख नहीं बल्कि उन लोगों की उम्मीद है, जिनके जीवन में संघर्ष लंबा, सफर कठिन और परिणाम देर से आता है।

ज्योतिष कहता है कि शनि कर्मफलदाता हैं। मतलब आप जो करते हैं, वही पाते हैं। और अगर शुभ फल चाहिए, तो शनिवार को उनकी पूजा, व्रत और आरती को बेहद खास माना जाता है।

क्यों कहा जाता है “शनि की कृपा हो जाए तो रंक से राजा बनता है”?

लोगों का मानना है कि शनि देव की दृष्टि कठोर जरूर होती है, लेकिन अन्याय बर्दाश्त नहीं करती। अगर आपका कर्म साफ है, नीयत ठीक है और जीवन में मेहनत की आदत है, तो शनि बाधाएँ नहीं देते — बल्कि रास्ता साफ करते हैं। कहावत है

जिसे शनि स्वीकार ले, उसे कोई हार नहीं सकता।”

शनि की पूजा जीवन में अनुशासन, सादगी, धैर्य और न्याय की सीख देती है। शायद इसलिए शनिवार को तेल दान, पीपल पूजा, पथिक की मदद और जरूरतमंदों की सेवा पुण्य मानी जाती है।

शनिवार को आरती क्यों जरूरी मानी जाती है?

पूजा में मंत्र, श्लोक और ध्यान होते हैं, लेकिन आरती को मन का दीपक कहा गया है। मान्यता है कि जब आरती की लौ शनि देव के समक्ष जलती है, तो उसका प्रकाश नकारात्मक ऊर्जा, ग्रहदोष और अशुभ प्रभावों को दूर करता है।

लोगों का विश्वास है कि शनिवार को विधि-विधान से आरती करने से साढ़ेसाती, ढैय्या, नौकरी-धंधे की रुकावटें, कोर्ट-कचहरी और अचानक संकट कम हो जाते हैं।

अब पढ़िए शनि देव की आरती

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥

श्याम अंग वक्रदृष्टि चतुर्भुजा धारी।

नीलांबर धार नाथ गज की सवारी॥

क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।

मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥

मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।

लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥

देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।

विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥

लोग क्या मानते हैं?

कई लोगों का अनुभव है कि नियमित आरती और पूजा के बाद मानसिक तनाव कम होता है, कामों में रफ्तार आती है और घर-परिवार में शांति रहती है। हालांकि यह अनुभूति आस्था से जुड़ी है, विज्ञान इससे सहमत नहीं होता।

लेकिन सच यह भी है धर्म सिर्फ चमत्कार नहीं, मन का भरोसा है।

Disclaimer: यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य जानकारी देना है, किसी भी आस्था या विश्वास को थोपना नहीं।

Ismita Srivastava

इस्मिता श्रीवास्तव हिंदी पत्रकारिता में एक वर्षों का अनुभव रखती हैं। उन्होंने कई प्रमुख मीडिया संस्थानों में कार्य किया है। वर्तमान में वे Aaj Ka Aaina के लिए मनोरंजन और लाइफस्टाइल तथा अन्य विषयों पर तथ्यपूर्ण और रोचक लेख लिखती हैं।

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