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Basant Panchami 2026 Date: जनवरी में कब है बसंत पंचमी? नोट करें सरस्वती पूजा की सही तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि

On: January 6, 2026 3:30 PM
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Basant Panchami
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Basant Panchami: बसंत पंचमी का पर्व हर साल मां सरस्वती की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से विद्यार्थियों, शिक्षकों और ज्ञान साधकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ज्ञान, विद्या, वाणी और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की कृपा से जीवन में शिक्षा और रचनात्मकता का विकास होता है। साल 2026 में बसंत पंचमी 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन सरस्वती पूजा के साथ-साथ कई मांगलिक कार्य भी किए जाते हैं।

क्यों सबसे खास मानी जाती है बसंत पंचमी

हिंदू पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। विवाह, गृह प्रवेश, विद्यारंभ संस्कार, जनेऊ संस्कार और नए कार्य की शुरुआत के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से विद्या, स्मरण शक्ति और एकाग्रता में वृद्धि होती है।

Basant Panchami 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
  • पंचमी तिथि प्रारंभ: 23 जनवरी 2026, सुबह 2:28 बजे
  • पंचमी तिथि समाप्त: 24 जनवरी 2026, सुबह 1:46 बजे
  • सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 7:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक

इस समय में मां सरस्वती की पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

वसंत ऋतु का पर्व क्यों है बसंत पंचमी

बसंत पंचमी केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि प्रकृति के उल्लास और सौंदर्य का उत्सव भी है। इस समय मौसम सुहावना हो जाता है, ठंड कम होने लगती है और खेतों में सरसों के पीले फूल, आम के पेड़ों पर बौर और नई फसलों की हरियाली दिखाई देने लगती है। वसंत ऋतु को नई ऊर्जा, सकारात्मकता और सृजन का प्रतीक माना जाता है। इस बदलाव का असर मन और स्वास्थ्य दोनों पर पड़ता है।

बसंत पंचमी पूजा विधि
  • बसंत पंचमी के दिन पूजा विधि को सही तरीके से करना शुभ फल देता है।
  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल को साफ करें और मां सरस्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  • मां को पीले या सफेद वस्त्र पहनाएं और चंदन, हल्दी, रोली व अक्षत अर्पित करें।
  • फूल, फल, केसर और मिठाई का भोग लगाएं। बूंदी के लड्डू, खीर या हलवा विशेष माने जाते हैं।
  • विद्यार्थी अपनी किताबें, कॉपी और पेन मां के चरणों में रखकर पूजा करें।
  • “ॐ ऐं ऐं ऐं महासरस्वत्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।

ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से बुद्धि का विकास होता है और पढ़ाई में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

छात्रों के लिए बसंत पंचमी का महत्व

बसंत पंचमी को ज्ञान का उत्सव कहा जाता है। छोटे बच्चों के लिए इसी दिन विद्यारंभ संस्कार भी कराया जाता है, जिसमें उन्हें पहली बार अक्षर ज्ञान कराया जाता है। विद्यार्थियों के लिए यह दिन नई शुरुआत और सफलता का प्रतीक माना जाता है।

Sapna Srivastava

सपना श्रीवास्तव को हिंदी पत्रकारिता में दो साल का अनुभव है। उन्होंने इंडिया न्यूज़ समेत कई प्रमुख मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में वह डाइनामाइट न्यूज़ और आज का आइना के लिए राष्ट्रीय, राजनीतिक, ब्रेकिंग, लाइफस्टाइल, खान-पान और फैशन जैसे विषयों पर लिखती हैं।

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