Mumbai: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। 89 वर्ष की उम्र में शनिवार को मुंबई में उनका निधन हो गया। लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे धर्मेंद्र कुछ दिनों पहले ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थे। हालत में सुधार न होने पर उन्हें घर ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
फिल्म इंडस्ट्री, परिवार और करोड़ों प्रशंसकों के लिए यह बेहद दुखद क्षण है।
धर्मेंद्र की जिंदगी के कई अध्याय हैं एक सुपरस्टार, एक परिवारप्रेमी, एक कवि और एक संवेदनशील इंसान। लेकिन उनकी निजी दुनिया की सबसे अधूरी और सबसे मासूम प्रेम कहानी आज फिर से चर्चा में आ गई है हमीदा की कहानी।
धर्मेंद्र की पहली मोहब्बत
धर्मेंद्र के जीवन में प्रकाश कौर और फिर हेमा मालिनी के साथ दो बड़े अध्याय सबको पता हैं। लेकिन उनका पहला प्यार, जो किशोर उम्र में आया था, इतिहास की धूल में अक्सर खो जाता है।
धर्मेंद्र किशोर थे, जीवन अभी आकार ले रहा था, जब उन्होंने अपने रिश्तेदार के गांव में हमीदा नाम की लड़की को देखा। उसकी एक हल्की मुस्कान ही काफी थी—धर्मेंद्र बार-बार उसके पास खिंचे चले जाते।
- कोई खुला इज़हार नहीं,
- कोई लंबी बातचीत नहीं,
- बस एक मासूम, धड़कती हुई मोहब्बत।
- लेकिन यह प्रेम कहानी भारत-पाकिस्तान के विभाजन की उथल-पुथल में टूट गई।
- हमीदा अपने परिवार के साथ सिंध चली गई।
- धर्मेंद्र वहीं रह गए खाली हाथ, भरी यादें और टूटे दिल के साथ।
इस दर्द को धर्मेंद्र ने कविता में लिखा था
वर्षों बाद उन्होंने उसी अधूरी मोहब्बत को एक कविता में पिरोया
“यूं ही मुस्कुरा देती, मैं पास चला जाता…
वो खामोश रहती, मैं सर झुका देता…
वो पूछती कुछ और थी, मैं कह कुछ और जाता था…
वो ओझल हो जाती, मैं सोचता रह जाता सवाल क्या है, यार?”
वो मासूम मोहब्बत जो कभी पूरी न हो सकी धर्मेंद्र के दिल में उम्रभर रही।
जिंदगी ने दिए दो और प्यार
फिल्मों में आने से पहले धर्मेंद्र ने 1954 में प्रकाश कौर से विवाह किया।
चार बच्चे सनी, बॉबी, विजेता और अजीता उनके जीवन का दूसरा आधार बने।
1970 में फिल्म तुम हसीन मैं जवान के सेट पर उनकी मुलाकात हुई हेमा मालिनी से।
यह रिश्ता सिर्फ आकर्षण नहीं था यह भावनात्मक जुड़ाव था जिसने दोनों की जिंदगी बदल दी।
धर्मेंद्र शादीशुदा थे, तलाक संभव नहीं था, समाज का दबाव था लेकिन प्रेम ने अपना रास्ता खुद बनाया।
एक कलाकार, एक प्रेमी, एक इंसान और अब एक याद
धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे
वह एक रोमांटिक आत्मा थे,
एक संवेदनशील कवि,
और एक ऐसे इंसान, जिनके जीवन में प्रेम कई रूपों में आया।
और आज, उनके न रहने पर हमीदा से लेकर हेमा तक उनकी पूरी जिंदगी फिर से आंखों के सामने तैर जाती है।














