Greater Noida News: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित सेक्टर अल्फा-2 में एक बार फिर स्वास्थ्य को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है। यहां चार छात्र अचानक बीमार पड़ गए, जिन्हें पेट दर्द की शिकायत के बाद बुखार आ गया। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद एक बार फिर दूषित पानी को बीमारी की वजह बताया जा रहा है, जिससे सेक्टरवासियों में डर और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं।
बीटेक के चार छात्र अचानक पड़े बीमार
अल्फा-2 सेक्टर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष भाटी ने बताया कि आई ब्लॉक में रहने वाले बीटेक छात्र प्रांजल त्रिपाठी, पीयूष त्रिपाठी, अभिनव त्रिपाठी और हरिओम प्रजापति को अचानक पेट दर्द की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर सभी छात्र अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद पानी से संक्रमण की आशंका जताई। इसके कुछ समय बाद छात्रों को बुखार भी आ गया।
आरडब्ल्यूए का कहना है कि सेक्टर में दूषित पानी की वजह से लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं, लेकिन समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
अल्फा-2 की पानी जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं
सुभाष भाटी ने आरोप लगाया कि डेल्टा-1 सेक्टर से लिए गए पानी के सैंपलों की जांच रिपोर्ट तो सार्वजनिक कर दी गई है, लेकिन अल्फा-2 सेक्टर की रिपोर्ट अब तक सामने नहीं लाई गई। उन्होंने आशंका जताई कि रिपोर्ट में गंभीर खामियां हो सकती हैं, इसी वजह से प्रशासन जांच रिपोर्ट को दबाए हुए है।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही अल्फा-2 की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, तो सेक्टरवासी धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची मौके पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए डाढ़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एक टीम गुरुवार को अल्फा-2 सेक्टर पहुंची। टीम ने बीमार छात्रों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और अन्य सेक्टरवासियों से भी घर-घर जाकर बातचीत की।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है कि शुक्रवार को सेक्टर में मेडिकल कैंप लगाया जाएगा, जहां लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। हालात ऐसे हो गए हैं कि डॉक्टरों को खुद घर-घर जाकर लोगों की सेहत देखनी पड़ रही है।
दूषित पानी को बताया जा रहा बीमारी की वजह
सेक्टरवासियों का आरोप है कि बीते कुछ दिनों से नलों में बदबूदार और गंदा पानी आ रहा है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा।
आरडब्ल्यूए के अनुसार, इससे पहले भी अल्फा-2 सेक्टर में दूषित पानी पीने से 62 लोग बीमार हो चुके हैं, जिनमें से 32 लोगों को पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं हुई थीं। अब एक बार फिर छात्रों के बीमार पड़ने से स्थिति और चिंताजनक हो गई है।
सेक्टरवासियों में बढ़ी चिंता
लगातार सामने आ रहे मामलों ने सेक्टरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पानी की गुणवत्ता को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।














