उत्तर प्रदेश में इस समय मतदाता सूची को दुरुस्त करने का सबसे बड़ा अभियान चल रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत की जा रही जांच में अब तक के आंकड़े चौंकाने वाले सामने आ रहे हैं। जिलों से आ रही रिपोर्टों के अनुसार, प्रदेश की वोटर लिस्ट से तीन करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की संभावना है। इनमें मृतक, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि वाले और लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता शामिल हैं, जिन्हें एएसडी (ASD) श्रेणी में रखा गया है।
वर्तमान मतदाता संख्या और पुनरीक्षण की समय सीमा
27 अक्टूबर 2025 की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कुल 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 092 मतदाता दर्ज हैं। इसके बाद चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की व्यापक सफाई का फैसला लिया। एसआईआर के तहत 11 दिसंबर 2025 तक गणना फॉर्म भरने और जमा करने की अंतिम तिथि तय की गई है। इसी अवधि में सभी जिलों में घर-घर सत्यापन के जरिए मृतकों, घर बदल चुके, दूसरे स्थान पर दर्ज और लंबे समय से गायब मतदाताओं की पहचान की जा रही है।
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कई जिलों में 100 फीसदी काम पूरा
चुनाव आयोग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, औरैया, आजमगढ़ और एटा जैसे जिलों में एसआईआर का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। एटा जिले में कुल 13,11,967 मतदाताओं में से करीब 18 प्रतिशत मतदाता एएसडी श्रेणी में पाए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम प्रेम रंजन ने पुष्टि की है कि 11 दिसंबर के बाद इन नामों को हटाने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी जाएगी।
प्रदेश भर में कितने नाम हट सकते हैं?
एसआईआर से जुड़े अधिकारियों का अनुमान है कि
लगभग 6% मतदाता अनुपस्थित
करीब 10% मतदाता स्थानांतरित
लगभग 4% मतदाता मृतक
इन आंकड़ों को अगर प्रदेश की कुल मतदाता संख्या से जोड़ा जाए, तो यह संख्या तीन करोड़ से ज्यादा बैठती है। इससे साफ है कि यह अब तक की सबसे बड़ी मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया बनने जा रही है।
इतनी बड़ी संख्या में नाम क्यों हट रहे हैं?
इसके पीछे कई बड़ी वजहें सामने आई हैं
तेज शहरीकरण और माइग्रेशन नौकरी और पढ़ाई की वजह से लोग जिले और राज्य बदल रहे हैं।
पुरानी सूचियों का अपडेट न होना वर्षों से कई नाम बिना सत्यापन के बने रहे।
मृतकों की सूचना दर्ज न होना परिवार द्वारा जानकारी न देने से नाम सूची में बने रहे।
दोहरा पंजीकरण एक ही व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज मिला।
11 दिसंबर के बाद क्या होगा?
11 दिसंबर के बाद सभी जिलों से आए फॉर्म और डिजिटल डेटा की अंतिम जांच होगी। इसके बाद चुनाव आयोग औपचारिक आदेश जारी करेगा और एएसडी श्रेणी के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही नए वोटरों के नाम जोड़ने, पता बदलने और त्रुटि सुधार को भी अंतिम रूप दिया जाएगा। जनवरी 2026 की शुरुआत में फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित होने की संभावना है।














