Uttar Pradesh: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल गंगा एक्सप्रेस-वे अब अपने उद्घाटन के बेहद करीब पहुंच चुका है। इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट का इंतजार उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को लंबे समय से था। पहले इसे महाकुंभ से पहले शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब माघ मेले के दौरान इसके लोकार्पण की तैयारियां तेज हो गई हैं। सरकार और प्रशासन इसे हर हाल में जनवरी के मध्य तक शुरू करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
98 प्रतिशत से ज्यादा निर्माण कार्य पूरा
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेस-वे का 98 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सिर्फ एक छोटे हिस्से में करीब 2 प्रतिशत फिनिशिंग का काम बाकी है, जिसे 15 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद रोड सेफ्टी और क्वालिटी एक्सपर्ट्स द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद इसे ट्रायल रन के लिए खोला जाएगा।
15 जनवरी को हो सकता है लोकार्पण
सूत्रों के मुताबिक, लगभग 15 दिन के सफल ट्रायल के बाद 15 जनवरी, मकर संक्रांति के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके लोकार्पण कर सकते हैं। इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है, जो मेरठ से प्रयागराज तक फैला है। इसमें कुल 1498 बड़े स्ट्रक्चर बनाए गए हैं, जिनमें से 1497 का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। पहले चरण में मेरठ से बदायूं तक 129 किलोमीटर का खंड पूरी तरह तैयार हो चुका है।
फाइटर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग की सुविधा
गंगा एक्सप्रेस-वे को सामरिक दृष्टि से भी बेहद मजबूत बनाया गया है। इस पर 5 स्थानों पर हवाई पट्टियां बनाई गई हैं, जहां आपातकाल की स्थिति में फाइटर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग संभव होगी। इससे यह एक्सप्रेस-वे देश की सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण बन जाता है।
12 जिलों को मिलेगा औद्योगिक विकास का बड़ा फायदा
इस एक्सप्रेस-वे से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इन इलाकों में औद्योगिक कॉरिडोर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे रोजगार, निवेश और व्यापार को बड़ी रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
तैयारीटोल और स्पीड को लेकर क्या है तैयारी
फिलहाल टोल की दरों को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन अनुमान है कि कार से यात्रा करने पर लगभग 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल लिया जा सकता है।
इस एक्सप्रेस-वे पर अधिकतम रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इससे मेरठ से प्रयागराज का सफर सिर्फ 6 से 7 घंटे में पूरा हो सकेगा, जो अभी 12–14 घंटे तक लगता है।
उत्तर प्रदेश के विकास को मिलेगा नया इंजन
गंगा एक्सप्रेस-वे न केवल यातायात को तेज और सुगम बनाएगा, बल्कि यह पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम भी बनेगा। माघ मेला और आगे चलकर कुंभ जैसे बड़े आयोजनों में भी यह एक्सप्रेस-वे श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी राहत बनेगा।














