Saudi Arab: सऊदी अरब के मदीना के पास सोमवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में भारत के 18 नागरिकों की मौत हो गई। यह सभी एक ही परिवार के सदस्य थे और उमराह यात्रा पर गए हुए थे। कुल 45 लोगों की मौत बताई जा रही है जिनमें नौ बच्चे भी शामिल हैं। मृतक परिवार हैदराबाद का रहने वाला था और 9 नवंबर को उमराह के लिए रवाना हुआ था। हादसा उस समय हुआ जब उनकी बस एक तेल टैंकर से टकरा गई।
सरकार की पहली प्रतिक्रिया और राहत घोषणा
तेलंगाना के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और सभी मृतकों का अंतिम संस्कार सऊदी अरब में ही धार्मिक रीति के अनुसार कराया जाएगा। साथ ही प्रत्येक मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
जांच और समन्वय के लिए टीम सऊदी भेजी जाएगी
अजहरुद्दीन खुद एक टीम के साथ सऊदी अरब जाएंगे ताकि राहत और समन्वय कार्य सुचारू तरीके से हो सके। इस टीम में AIMIM के एक विधायक और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के एक अधिकारी शामिल होंगे। सरकार ने कहा है कि पीड़ितों के परिवारों को कागजी प्रक्रिया और कानूनी औपचारिकताओं में पूरी मदद दी जाएगी।
हादसा कैसे हुआ?
हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सजनार ने बताया कि कुल 54 लोग उमराह यात्रा के लिए गए थे और उनकी वापसी 23 नवंबर को होनी थी। सोमवार रात करीब 1:30 बजे (IST) बस एक ऑयल टैंकर से टकराई, जिससे आग लग गई और कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई।
पाकिस्तान में बढ़ी आर्मी की पकड़, अब देश की कमान आसिम मुनीर के हाथों में
राष्ट्रीय नेताओं की संवेदनाएं
हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू और तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने शोक व्यक्त किया। कांग्रेस पार्टी ने भी घटना को दुखद बताते हुए मृतकों के लिए प्रार्थना की है।
दूतावास और सऊदी प्रशासन सक्रिय
भारतीय दूतावास और सऊदी अधिकारी राहत कार्य में लगे हुए हैं। शवों की पहचान और दस्तावेजी प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। प्रभावित परिवारों के लिए हेल्पलाइन जारी की गई है ताकि उन्हें जानकारी मिल सके।
US Venezuela Conflict: अमेरिका-वेनेजुएला टकराव चरम पर, ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई के दिए संकेत
पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी चुनौती
यह हादसा न सिर्फ एक परिवार बल्कि पूरे राज्य के लिए सदमे जैसा है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी परिवारों को आर्थिक और कानूनी सहायता दिलाई जाएगी ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें।














