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Vehicle Fitness Test Fees: गाड़ी का फिटनेस टेस्ट कराना अब हुआ और महंगा, जानिए कितनी पुरानी लागु हुआ नया रेट

On: November 22, 2025 8:11 PM
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India vehicle fitness test new fees for 10 to 20 year old cars and commercial vehicles
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New Delhi: अगर आपकी कार, बाइक या कोई कमर्शियल वाहन 10 साल से ज्यादा पुराना है, तो उसके लिए फिटनेस टेस्ट कराना अब पहले से कहीं महंगा हो गया है। केंद्र सरकार ने वाहन फिटनेस टेस्ट की फीस में बड़ा बदलाव किया है। यह नया स्ट्रक्चर Central Motor Vehicle Rules (CMVR) Amendment-5 के तहत 21 नवंबर से लागू हो गया है।

सरकार का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य प्रदूषण घटाना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और अत्यधिक पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाना है।

अब महंगी फिटनेस फीस के दायरे में

पहले भारी शुल्क केवल 15 साल से पुराने वाहनों पर लागू होता था।
लेकिन अब तीन कैटेगरी बना दी गई हैं:

  • 10–15 साल पुराने वाहन
  • 15–20 साल पुराने वाहन
  • 20 साल से ज्यादा पुराने वाहन

इस बदलाव के बाद अब 10 साल पुरानी कार का मालिक भी अतिरिक्त राशि चुकाएगा।

सरकार ने क्यों बढ़ाई फीस?

सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) के मुताबिक, पुराने वाहनों में तकनीकी खामियां और प्रदूषण स्तर तेजी से बढ़ जाता है।
सरकार के अनुसार, ऐसे वाहन:

  • अधिक धुआं छोड़ते हैं
  • सड़कों पर अनसेफ हो जाते हैं
  • इंजन और ब्रेकिंग सिस्टम कमजोर हो जाता है
  • पर्यावरण पर भारी बोझ डालते हैं

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि बढ़ी हुई फीस केवल उन वाहनों के लिए है जो सड़क सुरक्षा और प्रदूषण के लिहाज से ज्यादा जोखिमपूर्ण हैं।

वाहन के हिसाब से कितना चार्ज?

सरकार ने हर श्रेणी की फीस इस तरह तय की है:

15 साल से कम पुराने वाहन

  • बाइक (Two-Wheeler): ₹400
  • कार / LMV: ₹600
  • मीडियम व हैवी कमर्शियल वाहन: ₹1,000

15 साल से ज्यादा पुराने वाहन

  • बाइक: ₹600
  • थ्री-व्हीलर: ₹400–₹600
  • कार / LMV: ₹600–₹1,000
  • मीडियम गुड्स/पैसेंजर: ₹1,800
  • हैवी गुड्स/पैसेंजर (बस/ट्रक): ₹2,500

कई श्रेणियों में यह बढ़ोतरी पहले से 10 गुना तक है।

कमर्शियल वाहनों को सबसे ज्यादा झटका

व्यावसायिक क्षेत्र में पुराने वाहन सबसे अधिक इस्तेमाल होते हैं। इन वाहनों में इंजन की क्षमता, उत्सर्जन और माइलेज भी जल्दी गिरता है।

सरकार का मकसद:

  • सड़क हादसे कम करना
  • प्रदूषण का स्तर नियंत्रित रखना
  • खराब वाहनों को धीरे-धीरे हटाना
फिटनेस टेस्ट उतना महंगा

सरकार के अनुसार, 15–20 साल पुराने वाहन न केवल प्रदूषण बढ़ाते हैं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं। नई फीस प्रणाली पुराने वाहनों को धीरे-धीरे phase-out करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

Jabed Khan Shekh

जाबेद खान शेख सोशल मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग और SEO में सात वर्षों का मजबूत अनुभव रखते हैं। वे कई प्रमुख मीडिया संस्थानों में सोशल मीडिया मैनेजर के रूप में काम कर चुके हैं और कई वेबसाइटों की Google रैंकिंग सुधारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। टेक और डिजिटल ट्रेंड्स की अच्छी समझ के साथ उन्होंने Aaj Ka Aaina की स्थापना की, जहां वे तथ्य आधारित और रोचक लेख लिखते हैं।

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