New Delhi: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने शुक्रवार, 9 जनवरी, 2026 को गृह मंत्रालय के दफ़्तर के बाहर ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने आठ TMC सांसदों को हिरासत में ले लिया। यह प्रदर्शन प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पॉलिटिकल कंसल्टिंग फ़र्म I-PAC के दफ़्तर और उसके प्रमुख के घर पर छापे के एक दिन बाद हुआ।
विरोध प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ
दिल्ली पुलिस के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन में शामिल सांसदों को निषेधाज्ञा और सुरक्षा कारणों से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि डेरेक ओ’ब्रायन, महुआ मोइत्रा और अन्य नेताओं को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां से उन्हें कुछ देर बाद रिहा कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि गृह मंत्रालय का दफ़्तर अब कर्तव्य भवन में है, और वहां किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन की इजाज़त नहीं है। इसके बावजूद, TMC सांसद हाथों में तख्तियां लेकर कर्तव्य भवन के गेट पर पहुंचे और ED के कथित दुरुपयोग के खिलाफ नारे लगाए।
सांसदों को रोके जाने पर तनाव बढ़ा
जब सांसदों को बिल्डिंग में घुसने से रोका गया, तो उन्होंने गेट के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया और हिरासत में ले लिया। विरोध प्रदर्शन में शामिल अन्य सांसदों में शताब्दी रॉय, साकेत गोखले और कीर्ति आज़ाद शामिल थे।
TMC नेताओं ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कीं और आरोप लगाया कि चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ ज़बरदस्ती की गई और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया।
TMC ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला
TMC ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी पार्टियों को डराने और दबाने के लिए किया जा रहा है। पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाया और इसे लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश बताया।
पार्टी के आधिकारिक बयान में कहा गया कि पहले ED का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया, और अब शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे सांसदों को हिरासत में लिया गया है, जो सरकार की हताशा को दिखाता है।
ममता बनर्जी ने इसे बदले की राजनीति बताया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ED की कार्रवाई को बदले की राजनीति बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि छापे I-PAC और तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक डेटा और चुनावी रणनीतियों को निशाना बनाने के लिए मारे गए। बनर्जी ने कहा कि विपक्षी दलों को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस पूरी घटना के बाद राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया है। TMC ने यह साफ कर दिया है कि वह केंद्र सरकार के कथित तानाशाही रवैये के खिलाफ आवाज़ उठाती रहेगी, जबकि दूसरी विपक्षी पार्टियों ने भी इस मुद्दे पर अपना समर्थन और विरोध जताना शुरू कर दिया है।








