New Delhi: टाटा मोटर्स (Tata Motors) के अक्टूबर में किए गए बड़े डीमर्जर के बाद कंपनी की मार्केट पोज़िशन में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। कमर्शियल और पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को दो अलग-अलग कंपनियों में बांटने के बाद से टाटा मोटर्स का मार्केट कैप काफी नीचे आया है। इसका असर इतना गहरा रहा कि कभी सेंसेक्स के मजबूत और पुराने घटकों में शामिल यह स्टॉक अब 30-शेयर वाले बेंचमार्क इंडेक्स से बाहर होने के करीब पहुंच चुका है।
दूसरी ओर, देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation सेंसेक्स में शामिल होने की सबसे प्रबल दावेदार बनकर उभर रही है। मार्केट कैप के हिसाब से यह उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जो अभी तक सेंसेक्स का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन जिनकी वैल्यू कई मौजूदा घटकों से अधिक है।

Tata Motors के डीमर्जर का असर
अक्टूबर में डीमर्जर के बाद टाटा मोटर्स के कमर्शियल व्हीकल कारोबार का मार्केट कैप 1.19 ट्रिलियन रुपये और पैसेंजर व्हीकल यूनिट का 1.37 ट्रिलियन रुपये रहा। दोनों को मिलाकर भी कंपनी का कुल Mcap इंडिगो के मुकाबले कमजोर पड़ता है। वहीं IndiGo का मार्केट कैप पहले से ही 2.27 ट्रिलियन रुपये है, जो सेंसेक्स में शामिल कई दिग्गज स्टॉक्स से भी आगे है।
यही वजह है कि इंडिगो दिसंबर की समीक्षा में सेंसेक्स में शामिल होने की शीर्ष दावेदार बन गई है।
Tata Motors: सेंसेक्स का पुराना साथी
टाटा मोटर्स 1986 में सेंसेक्स लॉन्च होने के समय से इसका हिस्सा रहा है। हालांकि बीच में 2019 और 2022 में इसे इंडेक्स से हटा दिया गया था, लेकिन बाद में फिर शामिल कर लिया गया। सेंसेक्स के शुरुआती 30 स्टॉक्स में से आज सिर्फ तीन कंपनियां रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान यूनिलीवर और ITC ही इंडेक्स में मौजूद हैं।
अब एक बार फिर टाटा मोटर्स की पोज़िशन कमजोर पड़ी है और दिसंबर रिव्यू में इसे बाहर किया जा सकता है।
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इंडेक्स से हटने पर क्या होगा असर?
अगर टाटा मोटर्स सेंसेक्स से बाहर होता है, तो स्टॉक पर शॉर्ट-टर्म दबाव बढ़ेगा। अनुमान है कि कंपनी के शेयरों से लगभग 2,232 करोड़ रुपये का पैसिव आउटफ्लो हो सकता है। सेंसेक्स के ETF और इंडेक्स फंड्स ऐसे स्टॉक्स से निवेश कम कर देते हैं, जो इंडेक्स से बाहर होते हैं।
इसके उलट, इंडिगो में करीब 3,157 करोड़ रुपये का इनफ्लो आने की संभावना है। इससे इंडिगो के शेयरों में मजबूती दिख सकती है।
अगर सेंसेक्स कमोडिटी एक्सपोजर बढ़ाने का विकल्प चुनता है, तो Grasim Industries भी शामिल हो सकता है, जिससे इसमें लगभग 2,526 करोड़ रुपये का इनफ्लो आ सकता है।
फिर भी, मौजूदा मार्केट कैप और स्थिरता को देखते हुए इंडिगो का नाम सबसे ऊपर है।
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कैसे चुना जाता है सेंसेक्स?
BSE सेंसेक्स में 13 प्रमुख सेक्टर्स की 30 सबसे बड़ी और स्थिर कंपनियों को शामिल किया जाता है। हर साल जून और दिसंबर में इसकी समीक्षा होती है। जिन कंपनियों में प्रदर्शन कमजोर होता है या जिनका मार्केट कैप कम हो जाता है, उन्हें बाहर कर दिया जाता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य है कि सेंसेक्स देश की मजबूत और तेजी से बढ़ती कंपनियों को रिप्रेजेंट करे। सेंसेक्स में तेजी देश की इकॉनमी की मजबूती और कॉर्पोरेट ग्रोथ का संकेत देती है।















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