New Delhi: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार शाम दिल्ली पहुंच चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए पहुंचें हैं। यह एक दुर्लभ कूटनीतिक gesture माना जाता है, जो भारत इस दौरे को कितनी अहमियत दे रहा है, यह साफ दिखाता है। सूत्रों ने बताया कि पीएम स्तर की विशेष प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं दिल्ली के पालम टेक्निकल एरिया में पूरी की जा चुकी हैं।
ताज़ा अपडेट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुतिन के आगमन से पहले ही एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं।
दोनों नेताओं का ‘कार मोमेंट’ एक बार फिर संभव
सूत्रों के अनुसार, पुतिन की इस यात्रा में दोनों नेताओं के बीच एक और “कार मोमेंट” देखने को मिल सकता है, जैसा कि तियानजिन, चीन में SCO सम्मेलन के दौरान हुआ था। वहां दोनों नेता एक ही कार में साथ यात्रा करते नजर आए थे, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर बेहद वायरल हुई थीं।
किन विदेशी नेताओं को मिले हैं ऐसे विशेष सम्मान?
पीएम मोदी अब तक केवल कुछ ही विदेशी नेताओं को स्वयं एयरपोर्ट जाकर रिसीव करते रहे हैं। इनमें शामिल हैं:
- बराक ओबामा (अमेरिका), 2015
- शेख हसीना (बांग्लादेश), 2017
- शिंजो आबे (जापान), 2017
- डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिका), 2020
- मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (यूएई), 2024
- तमीम बिन हमद अल थानी (कतर), 2025
अब व्लादिमीर पुतिन भी इस विशेष सूची में शामिल हो रहे हैं।
पुतिन की दो दिवसीय भारत यात्रा के मुख्य कार्यक्रम
यह पुतिन की 2021 के बाद पहली भारत यात्रा है, और रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार वे भारत आ रहे हैं। यह भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ और दोनों देशों के बीच 23वां वार्षिक शिखर सम्मेलन भी है।
वे एक उच्च स्तरीय मंत्रीमंडलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आ रहे हैं, जिसमें रूस के रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि, परिवहन और आंतरिक मामलों के मंत्री शामिल हैं।
गुरुवार रात: निजी रात्रिभोज
पुतिन के आगमन के तुरंत बाद पीएम मोदी उन्हें निजी रात्रिभोज पर आमंत्रित करेंगे। दोनों नेता आठ दशकों से चली आ रही भारत-रूस साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बातचीत करेंगे।
शुक्रवार: व्यस्त कार्यक्रम और उच्च स्तरीय वार्ता
- सुबह राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात
- राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि
- हैदराबाद हाउस में मुख्य वार्ता
- पीएम मोदी द्वारा कार्यकारी लंच
- प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठकें
- राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा आयोजित राज-रात्रिभोज
इसके बाद पुतिन स्वदेश लौट जाएंगे।
क्या होंगे इस यात्रा के संभावित परिणाम?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह यात्रा भारत-रूस आर्थिक सहयोग को नए स्तर पर ले जाएगी। मुख्य फोकस होगा-
- भारत-रूस व्यापार असंतुलन कम करना
- भारतीय दवाइयों, ऑटोमोबाइल, कृषि उत्पादों और समुद्री उत्पादों के लिए रूसी बाजार में अधिक पहुंच
- उर्वरक, स्वास्थ्य, शिपिंग, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और विज्ञान-तकनीक में नए समझौते
- लोगों के बीच संपर्क, संस्कृति और कौशल विकास में सहयोग बढ़ाना
पुतिन के साथ आ रहे बड़े बिजनेस डेलिगेशन से संकेत मिलता है कि इस यात्रा के जरिए भारतीय कंपनियों के लिए रूस में नए अवसर खुल सकते हैं।







