New Delhi: पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया कई लोगों के लिए हमेशा तनाव वाली रही है। पुलिस वेरिफिकेशन, कागज़ों की कमी, गलत एंट्री, बार-बार ऑफिस के चक्कर और इंतज़ार की लंबी लाइनें। लेकिन अब सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया में बड़ा डिजिटल बदलाव किया है। अब पासपोर्ट वेरिफिकेशन रिपोर्ट सीधे DigiLocker में उपलब्ध होगी। यानी, फिजिकल फाइल संभालकर रखने की टेंशन खत्म।
क्या बदला है और क्यों?
सरकार ने इस बार सिर्फ सुविधा नहीं बढ़ाई बल्कि पूरी प्रक्रिया का ढांचा बदल दिया है। DigiLocker में पासपोर्ट वेरिफिकेशन उपलब्ध होना डिजिटल इंडिया मिशन का हिस्सा है। विदेश मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मंत्रालय और National e-Governance Division ने मिलकर यह सिस्टम तैयार किया है ताकि पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और पूरी तरह पेपरलेस हो सके। पहले वेरिफिकेशन रिपोर्ट फिजिकल कॉपी में मिलती थी जिसे संभालना और हर जगह ले जाना मुश्किल होता था। अब सिर्फ एक लॉगिन से डॉक्यूमेंट हमेशा उपलब्ध रहेगा।
कैसे मिलेगा यह Verification Record?
जैसे ही पुलिस वेरिफिकेशन पूरा होगा, सिस्टम उस रिपोर्ट को ऑटोमैटिकली DigiLocker में भेज देगा। इसके लिए न कोई आवेदन करना पड़ेगा और न कोई अलग शुल्क देना होगा। रिकॉर्ड ऐप में “Issued Documents” सेक्शन में दिखाई देगा और वहीं से उसे देखा, डाउनलोड या किसी संस्था के साथ डिजिटल तरीके से शेयर किया जा सकेगा। यह दस्तावेज़ IT Act 2000 के तहत digitally valid माना जाएगा, यानी इसकी प्रिंट कॉपी की ज़रूरत नहीं होगी unless कोई संस्था खुद मांगे।
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किसे मिलेगा सबसे ज़्यादा फायदा?
यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए गेमचेंजर है जिन्हें नौकरी, वीज़ा, विदेश में पढ़ाई या इमरजेंसी ट्रैवल की जरूरत पड़ती है। अचानक डॉक्यूमेंट मांगने पर अब पासपोर्ट रिकॉर्ड ढूंढने या फोटोस्टेट कराने की जरूरत नहीं होगी। जहां बैठेंगे, वहीं से फोन पर दिखा सकेंगे। यह सिस्टम fraud और duplicate document के मामलों को भी कम करेगा क्योंकि अब किसी भी verification record को manually edit नहीं किया जा सकता।
क्या अब पासपोर्ट तेजी से मिलेगा?
सरकार का दावा है कि इस बदलाव से पासपोर्ट बनने में लगने वाला समय कम होगा क्योंकि verification रिकॉर्ड भेजने और प्राप्त करने की मैनुअल प्रक्रिया खत्म हो गई है। पहले रिपोर्ट आने तक फाइल pending रहती थी लेकिन अब automated अपडेट से application processing fast होने की उम्मीद है। हालांकि अधिकारी ये भी मानते हैं कि सिस्टम पूरे देश में लागू होने में कुछ हफ्ते लगेंगे।
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कब से लागू है यह सुविधा?
यह फीचर अभी चरणबद्ध तरीके से rollout हो रहा है। जिन लोगों का हाल ही में पुलिस वेरिफिकेशन हुआ है, उन्हें यह डॉक्यूमेंट DigiLocker में दिखना शुरू हो गया है। आने वाले कुछ हफ्तों में इसे पूरे भारत में लागू कर दिया जाएगा।








