New Delhi: दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़े इंटरस्टेट साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ऑनलाइन टास्क और पार्ट टाइम जॉब के नाम पर लोगों से मोटी रकम ठगता था। इस गैंग ने राजधानी दिल्ली की एक महिला को करीब दो लाख 96 हजार रुपये का चूना लगाया था। पुलिस ने जयपुर और आगरा में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
ऑनलाइन जॉब के नाम पर देते थे झांसा
दिल्ली पुलिस के मुताबिक पीड़िता को व्हाट्सऐप पर एक मैसेज मिला जिसमें ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब का ऑफर दिया गया था। जब उसने इस ऑफर में रुचि दिखाई तो उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लिया गया। वहां उसे बताया गया कि होटल, रेस्टोरेंट और कंपनियों की रेटिंग करने के बदले पैसे मिलेंगे।
शुरुआत में उसे कुछ आसान टास्क देकर विश्वास जीतने की कोशिश की गई, लेकिन बाद में “प्रीपेड टास्क” पूरे करने के नाम पर पैसे जमा कराने को कहा गया। पीड़िता ने उनके निर्देशों पर लगभग 2.96 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब उसने अपने पैसे वापस मांगने की कोशिश की तो ग्रुप डिलीट कर दिया गया और सभी संपर्क नंबर बंद हो गए।
तकनीकी जांच से मिला सुराग
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू की। टीम ने बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल्स, मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि ठगों के बैंक खातों में पैसे जयपुर और आगरा के नेटवर्क से जुड़े हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों शहरों में छापेमारी की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप कुशवाह, कुलदीप सिंह और राहुल चौधरी के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि राहुल चौधरी इस गैंग की मुख्य कड़ी था, जो हर ट्रांजैक्शन पर करीब 4 प्रतिशत कमीशन लेता था। वह गिरोह के मास्टरमाइंड अरविंद को बैंक अकाउंट और पेमेंट चैनल मुहैया कराता था।
मलेशिया से ट्रेनिंग लेने वाला मास्टरमाइंड अब भी फरार
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस साइबर गिरोह का मास्टरमाइंड अरविंद नाम का व्यक्ति है, जिसने मलेशिया से साइबर क्राइम की ट्रेनिंग ली थी। वह ऑनलाइन ठगी के नए तरीके सिखाता था और विदेश से ऑपरेशन संभालता था। फिलहाल अरविंद फरार है और उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी हैं।
महत्वपूर्ण बरामदगी और आगे की जांच जारी
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों से तीन मोबाइल फोन, दो चेकबुक, एक पैन कार्ड और कई संदिग्ध चैट रिकॉर्ड बरामद किए हैं। साइबर सेल का कहना है कि जांच के दौरान और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस ने पीड़ितों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक या व्हाट्सऐप मैसेज के जरिए आने वाले ऑनलाइन जॉब ऑफर पर भरोसा न करें।








