New Delhi: राजधानी दिल्ली की सियासत में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी रविवार को अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी।
इन चुनावों को दिल्ली की राजनीति का “मिनी टेस्ट” माना जा रहा है, क्योंकि यह दिखाएगा कि जनता का झुकाव AAP की “काम की राजनीति” की ओर है या बीजेपी के “विकास और प्रशासन” के वादों की ओर।
कब और कैसे होगा चुनाव?
दिल्ली राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, MCD उपचुनाव का मतदान 30 नवंबर 2025 को होगा। मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगा।
वोटों की गिनती 3 दिसंबर 2025 को की जाएगी।
इस बार कुल 12 वार्डों में चुनाव होने हैं, जिनमें बीजेपी, AAP और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा।
BJP ने घोषित की अपनी उम्मीदवारों की लिस्ट
BJP ने इस बार “लोकल कनेक्ट” और “ग्रासरूट वर्क” को प्राथमिकता देते हुए सक्रिय कार्यकर्ताओं को मौका दिया है।
BJP उम्मीदवारों की लिस्ट
- मुंडका – जयपाल सिंह
- शालीमार बाग-बी – अनीता जैन
- अशोक विहार – वीना असीजा
- चांदनी चौक – सुमन कुमार गुप्ता
- चांदनी महल – सुनील शर्मा
- द्वारका-बी – मनीषा राजपाल सहरावत
- दिचाऊ कलां – रेखा रानी
- नारायणा – चंद्रकांता शिवानी
- दक्षिणपुरी – रोहिणी राज
- संगम विहार-ए – शुभ्रजीत गौतम
- ग्रेटर कैलाश – अंजुम मंडल
- विनोद नगर – सरला चौधरी
AAP ने भी उतारे अपने प्रत्याशी
AAP ने भी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी का दावा है कि उसने ऐसे कार्यकर्ताओं को टिकट दिया है, जो जनता के बीच सक्रिय हैं और विकास कार्यों से जुड़े हैं।
AAP उम्मीदवारों की लिस्ट
- दक्षिणपुरी – राम स्वरूप कनौजिया
- संगम विहार-ए – अनुज शर्मा
- ग्रेटर कैलाश – ईश्ना गुप्ता
- विनोद नगर – गीता रावत
- शालीमार बाग-बी – बबिता अहलावत
- अशोक विहार – सीमा विकास गोयल
- चांदनी चौक – हर्ष शर्मा
- चांदनी महल – मुद्दसिर उस्मान कुरैशी
- द्वारका-बी – राजबाला सहरावत
- मुंडका – अनिल लाकड़ा
- नारायणा – राजन अरोड़ा
- दिचाऊ कलां – नीतू केशव चौहान
किन वार्डों पर सबसे ज्यादा टक्कर?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक शालीमार बाग-बी और द्वारका-बी वार्ड इस चुनाव की सबसे हॉट सीट हैं।
पहले इन वार्डों से बीजेपी की पार्षदें रेखा गुप्ता और कमलजीत सहरावत थीं, जो क्रमशः मुख्यमंत्री और सांसद चुने जाने के बाद इस्तीफा दे चुकी हैं।
दिल्ली की राजनीति पर असर
यह उपचुनाव भले ही स्थानीय स्तर पर हो, लेकिन इसके नतीजे दिल्ली की बड़ी राजनीति का रुख तय कर सकते हैं। जहां AAP सरकार अपने कामों के दम पर जनता का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही है, वहीं BJP राजधानी में अपना जनाधार मजबूत करने में जुटी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि MCD उपचुनाव के नतीजे 2027 विधानसभा चुनाव की दिशा तय कर सकते हैं।








