Delhi AQI: जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, देश की राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर खतरनाक रूप से प्रदूषित हो गई है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) और दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (DPCC) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के ज़्यादातर मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ कैटेगरी में रिकॉर्ड किया गया है। कई इलाकों में AQI 400 के पार चला गया है, जिससे सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं हो रही हैं।
सबसे ज़्यादा प्रदूषित इलाके
आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार 445 AQI के साथ सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाका बना हुआ है। इसके अलावा, शादिपुर (443), जहांगीरपुरी (430), विवेक विहार (428), और नरेला (426) में भी हवा की क्वालिटी बहुत खराब रिकॉर्ड की गई। अशोक विहार, बवाना, ओखला फेज-2, पटपड़गंज और रोहिणी जैसे इलाकों में AQI लेवल 424 के आसपास रहा।
अन्य प्रमुख इलाकों में वज़ीरपुर (433), नेहरू नगर (434), पंजाबी बाग (416), और मुंडका (414) जैसे लेवल देखे गए। हालांकि कुछ इलाकों में हालात थोड़े बेहतर थे, जैसे NSIT द्वारका (214) और IGI एयरपोर्ट (321), लेकिन कुल मिलाकर, राजधानी की हवा स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बनी हुई है।
Delhi AQI: दिल्ली-एनसीआर की हवा फिर हुई ‘जानलेवा’, एक्यूआई पहुंचा 463
विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडा मौसम, हवा की कम गति और कोहरा प्रदूषक कणों को वातावरण में फंसा रहे हैं। गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, कंस्ट्रक्शन का काम और आसपास के इलाकों से होने वाला प्रदूषण स्थिति को और खराब कर रहा है। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या सांस की समस्या वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। वे बाहर जाते समय मास्क पहनने, गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।
मौसम विभाग का अपडेट
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक हवा की गति कम रहने की उम्मीद है। सुबह और रात में कोहरा और नमी प्रदूषण के स्तर को और बढ़ा सकते हैं। फिलहाल, बारिश या तेज़ हवाओं से तुरंत राहत के कोई संकेत नहीं हैं। इस स्थिति में, प्रदूषण का स्तर ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ कैटेगरी में रहने की संभावना है।
Delhi AQI: दिल्ली की हवा क्यों बन रही है खतरनाक, जानें सेहत पर असर और सेफ्टी टिप्स
क्या करें और क्या न करें:
सुबह और शाम को बाहर जाने से बचें।
N95 या अच्छी क्वालिटी का मास्क पहनें।
बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर रखें। खूब पानी पिएं और अपनी आँखों की रक्षा करें।








