मौसम खेल ऑटो टेक्नोलॉजी लाइफस्टाइल हेल्थ जॉब - एजुकेशन फैशन एंड ब्यूटी फूड धर्म-अध्यात्म वायरल अन्य

---Advertisement---

Bhavnagar Fire: बच्चों से भरी बिल्डिंग में भीषण आग, 15–20 मासूम ऐसे बचाए गए कि हर कोई दंग

On: December 3, 2025 12:27 PM
Follow Us:
Bhavnagar Sameep Complex Hospital Fire Rescue Operation, बच्चे और मरीज सुरक्षित निकाले गए
---Advertisement---

Bhavnagar: गुजरात के भावनगर में आज (3 दिसंबर 2025) सुबह उस वक्त भगदड़ मच गई जब शहर के कालूभा रोड स्थित Sameep Complex में आग भड़क उठी। यह वही कॉम्प्लेक्स है जिसमें कई अस्पताल और मेडिकल वॉक-इन क्लीनिक हैं। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, आग के समय कई बच्चे और मरीज अंदर भर्ती थे। जैसे-जैसे धुआँ पूरे भवन में फैला, स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड ने मिलकर बच्चों और अन्य मरीजों का रेस्क्यू शुरू किया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। रिपोर्ट्स कहती हैं कि कोई जनहानि नहीं हुई।

क्या हुआ समय, मकाम और शुरुआत

आग सुबह के समय लगी, उसी समय धुएँ की लपटें फैलने लगी थीं।

यह आग कथित रूप से कॉम्प्लेक्स की बेसमेंट पैथोलॉजी लैब से शुरू हुई थी, बाद में फैलकर बिल्डिंग के ऊपरी हिस्सों को भी अपनी चपेट में ले लिया।

उसी भवन में कई अस्पताल, क्लीनिक, बच्चों का वार्ड आदि मौजूद थे जिससे खतरनाक स्थिति बन गई।

UP News: योगी सरकार की बड़ी पहल, यूपी के इन 14 जिलों के सरकारी अस्पतालों की बदलेगी तस्वीर; पढें पूरी खबर

रेस्क्यू ऑपरेशन कैसे बची जानें

धुआँ और आग फैलने के बाद पहले फायर ब्रिगेड को अलर्ट किया गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने फौरन कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने खिड़कियों से सीढ़ी लगाई, चादर-बिस्तर आदि लगा कर अस्पताल के वार्ड में फंसे बच्चों और मरीजों को एक-एक कर बाहर निकाला। कई बच्चों को चादर या कम्बल में लपेट कर सुरक्षित बाहर लाया गया, जिससे बड़ी त्रासदी टल गई।

फायर विभाग की टीमों और राहतकर्मियों ने करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया। सभी मरीजों और बच्चों को पास के अन्य अस्पतालों  जैसे कि सर टी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है।

सवाल क्या होता है समान अस्पताल कॉम्प्लेक्स में इतनी संख्या में भवन?

यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि जब अस्पताल, मेडिकल लैब, क्लीनिक आदि इतने अधिक हॉल-वर्क और मशीनरी के साथ एक ही बिल्डिंग या कॉम्प्लेक्स में हों  खासकर जब नीचे बेसमेंट में बिजली-वायरिंग या पार्किंग हो तो फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल और बिल्डिंग कोड्स का पालन बहुत ज़रूरी हो जाता है।

इस मामले में भी आग उसी पैथोलॉजी लैब से शुरू हुई, जो बताती है कि फायर-सेफ्टी प्रणाली संतोषजनक नहीं रही होगी।

UP Home Guard Bharti: आपकी सीट कोई छीन न ले… अभी पढ़ें सिलेक्शन गाइड

राहत और सबक  लेकिन सवाल अभी बाकी

इस हादसे में जिस तेजी से रेस्क्यू हुआ, उसकी वजह से कोई मौत नहीं हुई और यह सबसे बड़ी राहत है।

लेकिन यह हादसा अस्पतालों की डिज़ाइन, फायर-सेफ्टी नियमों और बिल्डिंग परमिट्स पर बड़े सवाल खड़े करता है।

यह घटना हमें फिर से याद दिलाती है कि अस्पताल जहाँ मरीज उपचार के लिए आते हैं उनके लिए सुरक्षा के सब आवश्यक इंतज़ाम कितने जरूरी हैं।

Jabed Khan Shekh

जाबेद खान शेख सोशल मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग और SEO में सात वर्षों का मजबूत अनुभव रखते हैं। वे कई प्रमुख मीडिया संस्थानों में सोशल मीडिया मैनेजर के रूप में काम कर चुके हैं और कई वेबसाइटों की Google रैंकिंग सुधारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। टेक और डिजिटल ट्रेंड्स की अच्छी समझ के साथ उन्होंने Aaj Ka Aaina की स्थापना की, जहां वे तथ्य आधारित और रोचक लेख लिखते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment