Bhavnagar: गुजरात के भावनगर में आज (3 दिसंबर 2025) सुबह उस वक्त भगदड़ मच गई जब शहर के कालूभा रोड स्थित Sameep Complex में आग भड़क उठी। यह वही कॉम्प्लेक्स है जिसमें कई अस्पताल और मेडिकल वॉक-इन क्लीनिक हैं। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, आग के समय कई बच्चे और मरीज अंदर भर्ती थे। जैसे-जैसे धुआँ पूरे भवन में फैला, स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड ने मिलकर बच्चों और अन्य मरीजों का रेस्क्यू शुरू किया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। रिपोर्ट्स कहती हैं कि कोई जनहानि नहीं हुई।
क्या हुआ समय, मकाम और शुरुआत
आग सुबह के समय लगी, उसी समय धुएँ की लपटें फैलने लगी थीं।
यह आग कथित रूप से कॉम्प्लेक्स की बेसमेंट पैथोलॉजी लैब से शुरू हुई थी, बाद में फैलकर बिल्डिंग के ऊपरी हिस्सों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
उसी भवन में कई अस्पताल, क्लीनिक, बच्चों का वार्ड आदि मौजूद थे जिससे खतरनाक स्थिति बन गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन कैसे बची जानें
धुआँ और आग फैलने के बाद पहले फायर ब्रिगेड को अलर्ट किया गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने फौरन कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने खिड़कियों से सीढ़ी लगाई, चादर-बिस्तर आदि लगा कर अस्पताल के वार्ड में फंसे बच्चों और मरीजों को एक-एक कर बाहर निकाला। कई बच्चों को चादर या कम्बल में लपेट कर सुरक्षित बाहर लाया गया, जिससे बड़ी त्रासदी टल गई।
फायर विभाग की टीमों और राहतकर्मियों ने करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया। सभी मरीजों और बच्चों को पास के अन्य अस्पतालों जैसे कि सर टी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है।
सवाल क्या होता है समान अस्पताल कॉम्प्लेक्स में इतनी संख्या में भवन?
यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि जब अस्पताल, मेडिकल लैब, क्लीनिक आदि इतने अधिक हॉल-वर्क और मशीनरी के साथ एक ही बिल्डिंग या कॉम्प्लेक्स में हों खासकर जब नीचे बेसमेंट में बिजली-वायरिंग या पार्किंग हो तो फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल और बिल्डिंग कोड्स का पालन बहुत ज़रूरी हो जाता है।
इस मामले में भी आग उसी पैथोलॉजी लैब से शुरू हुई, जो बताती है कि फायर-सेफ्टी प्रणाली संतोषजनक नहीं रही होगी।
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राहत और सबक लेकिन सवाल अभी बाकी
इस हादसे में जिस तेजी से रेस्क्यू हुआ, उसकी वजह से कोई मौत नहीं हुई और यह सबसे बड़ी राहत है।
लेकिन यह हादसा अस्पतालों की डिज़ाइन, फायर-सेफ्टी नियमों और बिल्डिंग परमिट्स पर बड़े सवाल खड़े करता है।
यह घटना हमें फिर से याद दिलाती है कि अस्पताल जहाँ मरीज उपचार के लिए आते हैं उनके लिए सुरक्षा के सब आवश्यक इंतज़ाम कितने जरूरी हैं।








