Patna: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की जोरदार वापसी हुई है। पार्टी ने 29 में से 19 सीटें जीतकर चिराग पासवान की नेतृत्व क्षमता को फिर साबित किया है। चुनाव नतीजों के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि चिराग अब सरकार में किसी बड़े पद की मांग कर सकते हैं, खासकर डिप्टी मुख्यमंत्री की दावेदारी। लेकिन उन्होंने सभी कयासों को खत्म करते हुए साफ कहा कि उन्होंने ऐसा कोई दावा नहीं किया।
चिराग का जवाब
मीडिया से बातचीत में जब चिराग पासवान से पूछा गया कि इतनी बड़ी जीत के बाद उन्होंने डिप्टी सीएम का पद क्यों नहीं मांगा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा:
“अगर मैं ऐसा करता, तो यह लालच होता… मैं और कितना लालची हो सकता हूँ?”
चिराग के अनुसार राजनीति केवल पद हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता का भरोसा और सम्मान सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि 19 सीटों की जीत ने यह साबित कर दिया कि लोगों ने उन पर विश्वास जताया है और यही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।
संघर्ष के दिनों की याद
चिराग पासवान ने स्वीकार किया कि आज की सफलता उनके संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने 2021 का समय याद करते हुए बताया कि:
- पार्टी लगभग टूट चुकी थी
- संगठन साथ छोड़ रहा था
- कई कार्यक्रमों में भीड़ जुटाना मुश्किल था
लेकिन 2024 और 2025 में परिस्थितियां बदल गईं और पार्टी को ऐतिहासिक सफलता मिली। चिराग ने कहा, “जब हालात मुझे तोड़ने पर तुले थे, तब भी मैंने हिम्मत नहीं छोड़ी. आज जनता ने जो दिया है, उसके बाद किसी पद की मांग करना मेरे सिद्धांतों के खिलाफ है.”
NDA में जिम्मेदारी मिलने पर जताया आभार
चिराग ने कहा कि NDA गठबंधन ने उन पर भरोसा जताया है।
- LJP(R) के 19 विधायक जीते
- दो विधायकों को मंत्री पद मिला
- गठबंधन ने चिराग को 29 सीटों की जिम्मेदारी दी
उन्होंने कहा कि ऐसे में अतिरिक्त मांग रखना “नाशुक्री” जैसा व्यवहार होता और यह जनता के भरोसे के साथ न्याय नहीं होगा।
विपक्ष के आरोपों का चिराग ने दिया जवाब
विपक्ष का आरोप था कि चिराग को ऐसी सीटें दी गई थीं जिनपर जीत पाना मुश्किल था। लेकिन नतीजों ने विपक्ष के दावों को गलत साबित कर दिया। चिराग ने कहा कि सीटों की संख्या से ज्यादा मायने जिम्मेदारी का सम्मान है।
“अगर जीत के बाद भी मैं और मांगने बैठ जाऊं, तो इसका मतलब है कि मैं अपने ही संघर्ष से सीख नहीं पाया।”
चिराग की आगे की रणनीति
चिराग ने संकेत दिया कि LJP (रामविलास) आने वाले समय में जमीन पर काम और संगठन विस्तार पर गंभीरता से फोकस करेगी। उनका कहना है कि पार्टी को चुनावी पहचान से आगे बढ़कर विकास में भी प्रमुख भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने साफ कहा, “पद नहीं, काम लोगों को जोड़ता है. और मैं उसी रास्ते पर चलना चाहता हूँ।”














