New Delhi: भारतीय क्रिकेट में जिस नाम की मौजूदगी ही उत्साह बढ़ा देती है, वह Virat Kohli अब एक बार फिर से घरेलू मैदानों पर उतरने जा रहे हैं। लगभग 15 साल बाद उनकी Vijay Hazare Trophy में वापसी की आधिकारिक पुष्टि होते ही क्रिकेट जगत में एक अलग तरह की गूंज सुनाई देने लगी है। दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) ने 2 दिसंबर को बताया कि विराट ने आगामी घरेलू वनडे टूर्नामेंट के लिए खुद को उपलब्ध कर दिया है। DDCA सेक्रेटरी अशोक शर्मा ने यह जानकारी साझा की कि कोहली ने DDCA प्रेसिडेंट रोहन जेटली से बात कर मैदान में उतरने की इच्छा जताई है। कई दिनों से जो चर्चा सिर्फ उम्मीदों पर टिके थी, वह अब ठोस सूचना में बदल गई है, और यही बात दिल्ली के प्रशंसकों के चेहरे पर उत्साह वापस ले आई है।
2010 के बाद पहली बार घरेलू वनडे में दिखेंगे कोहली
विजय हजारे ट्रॉफी में विराट को आखिरी बार 2010 में देखा गया था, जब उन्होंने सर्विसेज के खिलाफ मैच खेला था। उसके बाद उनका रूटीन पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में व्यस्तता के कारण बदल गया और घरेलू टूर्नामेंट उनके शेड्यूल से लगभग गायब हो गए। 2013 की NKP Salve Challenger Trophy के बाद तो उन्होंने दिल्ली के लिए कोई List-A मैच भी नहीं खेला। अब, इतने लंबे अंतराल के बाद, वह फिर से उसी मंच की ओर लौट रहे हैं, जहां से उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान मजबूत की थी। यह वापसी उस वक्त हो रही है, जब BCCI ने centrally contracted खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेना अनिवार्य किया है, जिससे पूरे ढांचे को मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है।
24 दिसंबर को दिल्ली की शुरुआत, दर्शकों की भीड़ की उम्मीद
दिल्ली अपने इस साल के विजय हजारे अभियान की शुरुआत 24 दिसंबर को आंध्र प्रदेश के खिलाफ करेगी। टीम के लिए यह मुकाबला सामान्य परिस्थितियों में एक सामान्य मैच होता, लेकिन विराट के शामिल होने के बाद अचानक इसका महत्व कई गुना बढ़ गया है। घरेलू 50-ओवर मुकाबलों में आमतौर पर उतनी बड़ी भीड़ नहीं दिखाई देती, लेकिन कोहली की मौजूदगी को देखते हुए दर्शकों की संख्या में भारी वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। दिल्ली के मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम और अलूर में खेले जाने हैं। चिन्नास्वामी वैसे भी विराट का दूसरा घर माना जाता है, क्योंकि उन्होंने अपने पूरे IPL करियर में यहां RCB के लिए खेलते हुए हजारों दर्शकों को रोमांचित किया है। यही वजह है कि दिल्ली के मैचों में बड़ी संख्या में लोगों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है, हालांकि खबरें ये भी हैं कि बेंगलुरु में दर्शकों को इस बार एंट्री की अनुमति नहीं मिलेगी।
वापसी का सही समय और टीम दिल्ली को मिलने वाला फायदा
विराट पिछले कुछ महीनों से शानदार लय में हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के पहले मैच में उन्होंने 52वीं अंतरराष्ट्रीय सेंचुरी जड़कर यह बता दिया कि उनका खेल अब भी उसी भरोसे पर टिका है, जिसके कारण उनका नाम दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में शामिल है। उनकी इस वर्तमान फॉर्म को देखते हुए दिल्ली टीम को निश्चित तौर पर बड़ा लाभ मिलने वाला है। एक ऐसा खिलाड़ी, जो मैच की दिशा अकेले बदलने की क्षमता रखता है, उसकी उपस्थिति किसी भी टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाली होती है। युवा खिलाड़ियों को भी इससे सीखने का मौका मिलेगा कि एक इंटरनेशनल स्टार घरेलू क्रिकेट में उतरकर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व कैसे करता है।
कोहली की एंट्री से टूर्नामेंट में आएगा नया रोमांच
विजय हजारे ट्रॉफी को भले ही IPL जैसी चमक नहीं मिली हो, लेकिन इस बार विराट कोहली की एंट्री ने इसे अचानक सुर्खियों में ला दिया है। 15 साल बाद उनकी वापसी सिर्फ दिल्ली के लिए नहीं, बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट के लिए एक बड़ा संकेत है कि बड़े खिलाड़ी भी घरेलू संरचना में अपनी जिम्मेदारी निभाने लौट रहे हैं। फैन्स इस बात से रोमांचित हैं कि वे कोहली को करीब से घरेलू माहौल में खेलते हुए देख पाएंगे, और टीम दिल्ली के लिए यह अवसर किसी बोनस से कम नहीं होगा।








