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RedFort Blast: दिल्ली धमाका केस में इन डॉक्टरों का कनेक्शन, सफेद कोट में कर रहे थे काले कारनामे; जानिए कैसे हुआ खुलासा

On: November 11, 2025 10:07 PM
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Delhi Blast (1)
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New Delhi: दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस केस में चार डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं, जो कथित तौर पर फरीदाबाद के आतंकी नेटवर्क और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने इन डॉक्टरों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

कौन हैं आरोपी डॉक्टर?

जांच में जिन चार डॉक्टरों के नाम आए हैं, उनमें डॉ. आदिल अहमद, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. शाहीन शाहिद और डॉ. मोहम्मद उमर शामिल हैं। इनमें से तीन डॉक्टर गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि एक डॉक्टर मोहम्मद उमर की मौत धमाके के दौरान हुई।

1. डॉ. आदिल अहमद – सहारनपुर से गिरफ्तार

डॉ. आदिल अहमद को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया। वह कश्मीर के काजीकुंड का रहने वाला है और जीएमसी में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर था। आदिल पर जैश के समर्थन में पोस्टर लगाने और संगठन से जुड़े लोगों को मेडिकल नेटवर्क के ज़रिए मदद पहुंचाने का आरोप है।

2. डॉ. मोहम्मद उमर – धमाके में मौत

धमाके वाली कार कथित रूप से डॉ. उमर चला रहा था। वह पुलवामा का रहने वाला था और फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था। जांच में पता चला है कि वह फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का सक्रिय सदस्य था।

3. डॉ. शाहीन शाहिद – जैश की लेडी विंग से जुड़ी

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, लेडी डॉक्टर शाहीन शाहिद का संबंध जैश की महिला शाखा जमात-उल-मोमीनात से है। शाहीन पर महिलाओं को संगठन से जोड़ने का टारगेट पूरा करने का आरोप है। उसकी कार से असॉल्ट राइफल भी बरामद की गई।

4. डॉ. मुजम्मिल शकील – फरीदाबाद से पकड़ा गया

डॉ. मुजम्मिल शकील को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। वह भी पुलवामा का रहने वाला है और अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉक्टर था। उसके बयान पर सुरक्षा एजेंसियों को एक और असॉल्ट राइफल बरामद हुई।

जांच में सामने आई बड़ी साजिश

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये चारों डॉक्टर एक संगठित मॉड्यूल का हिस्सा थे, जो दिल्ली और एनसीआर में बड़ी आतंकी साजिश रचने की तैयारी में था। एजेंसियां अब इनके डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजेक्शंस की जांच कर रही हैं।

सीसीटीवी मैपिंग और वाहन-स्टोरी ने लगाई पटरी पर जांच

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने बदरपुर बॉर्डर से लेकर रेड फोर्ट तक मार्ग के तमाम सीसीटीवी फुटेज को मैप किया। हुंडई i20 कार को सुबह 8:13 बजे बदरपुर टोल से दिल्ली में प्रवेश करते दिखने और दोपहर 3:19 बजे सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में खड़ी होने तक के फुटेज ने वाहन की टाइमलाइन दे दी। पार्किंग में करीब तीन घंटे तक कार में बैठे रहने वाले शख्स की पहचान कैमरा फुटेज, पहनावे और चेहरे के अंश के आधार पर संदिग्ध डॉक्टर उमर के रूप में हुई।

फॉरेंसिक और मलबे से मिले निर्णायक संकेत

ब्लास्ट साइट से बरामद कटे हुए अंग, वाहन के हिस्से और बचे-खुचे विस्फोटन अवशेष फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए। मलबे में मिले अमोनियम नाइट्रेट-ANFO के निशान, डिटोनेटर के अवशेष और जले तेल के सैंपल से IED का प्रकार स्पष्ट हुआ। कटे हाथ के डीएनए-सैंपल कश्मीर में परिवार के नमूनों से मिलान किए जाने लगे — यही डीएनए आगे पहचान की पुष्टि में अहम साबित हुआ।

बरामद विस्फोटक और हथियारों ने खोल दी नेटवर्क की हड्डी

फरीदाबाद व आसपास के ठिकानों पर चलाये गए छापों में लगभग 2,900 किलो संदिग्ध विस्फोटक, अमोनियम नाइट्रेट और गोला-बारूद जब्त हुआ। मुझम्मिल और अदील की गिरफ्तारी के वक्त बरामद असॉल्ट राइफल और अन्य हथियारों के सबूतों ने नेटवर्क के संरचनात्मक होने का संकेत दिया। शाहीन की कार से मिले असॉल्ट राइफल ने महिला लिंक की पोल खोल दी।

टेलीकॉम, बैंक ट्रेसिंग और मालभावना पूछताछ

अधिकारियों ने संदिग्धों के मोबाइल कॉल, मैसेज और लोकेशन-डेटा ट्रेस कर संपर्क श्रंखला बनाई। बैंक ट्रांजैक्शन से पैसे के फ्लो और वाहन के खरीद-बेच के रिकॉर्ड (Aamir → Tariq → Umar) ने कार के प्रवाह और मालिकाना-हक की कहानी स्पष्ट की। तारिक की गिरफ्तारी ने वाहन की ट्रांसफर-हाइस्ट्री पर रोशनी डाली।

Sapna Srivastava

सपना श्रीवास्तव को हिंदी पत्रकारिता में दो साल का अनुभव है। उन्होंने इंडिया न्यूज़ समेत कई प्रमुख मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में वह डाइनामाइट न्यूज़ और आज का आइना के लिए राष्ट्रीय, राजनीतिक, ब्रेकिंग, लाइफस्टाइल, खान-पान और फैशन जैसे विषयों पर लिखती हैं।

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