New Delhi: दिल्ली की हवा एक बार फिर ज़हरीली हो गई है। शुक्रवार सुबह राजधानी का औसत AQI 310 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। कई इलाकों जैसे बवाना, आनंद विहार, मुंडका और नरेला में प्रदूषण का स्तर 350 से ऊपर पहुँच गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। पंजाब और हरियाणा में पराली जलने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिनका असर सीधा दिल्ली की हवा पर पड़ रहा है। साथ ही कम तापमान और धीमी हवाओं के कारण प्रदूषक हवा में फंस गए हैं।
मुख्य कारण क्या हैं
पराली जलाना: पड़ोसी राज्यों में फसलों की कटाई के बाद खेतों में आग लगाई जा रही है, जिससे धुआं दिल्ली तक पहुंचता है।
वाहनों का धुआं: राजधानी में रोजाना लाखों वाहन चलते हैं, जो लगातार प्रदूषण बढ़ा रहे हैं।
निर्माण कार्य और धूल: सड़कों पर जमा धूल और कंस्ट्रक्शन साइट्स भी वायु प्रदूषण का बड़ा कारण हैं।
स्वास्थ्य पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण शरीर पर गंभीर असर डाल सकता है। सांस की तकलीफ, गले में जलन, आंखों में चुभन और सिरदर्द जैसी समस्याएं आम हैं। डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है।
क्या करें और क्या न करें
बाहर निकलते समय N95 या N99 मास्क पहनें।
सुबह और शाम के समय बाहर व्यायाम या वॉक से बचें।
घर में एयर प्यूरीफायर या इनडोर पौधे जैसे स्नेक प्लांट और एलोवेरा रखें।
पर्याप्त पानी पीते रहें ताकि शरीर में नमी बनी रहे।
सरकार ने भी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू किया है। इसके तहत निर्माण कार्यों और पुराने डीजल वाहनों पर रोक लगाई गई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि स्थायी समाधान तभी संभव है जब पराली जलाने और वाहनों से उत्सर्जन पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए।














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