Yashpal Khola: यह साल राजस्थान के भिवाड़ी जिले के कवाली गांव के रहने वाले और अरावली किसान क्लब के अध्यक्ष यशपाल खोला के लिए खास बन गया है। 17 जनवरी को उन्हें भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन से एक खास न्योता मिला। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भेजे गए इस न्योते से यशपाल खोला को राष्ट्रपति भवन में तीन दिन रहने और खास मेहमान के तौर पर शामिल होने का सम्मान मिला है। यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति की पहचान नहीं है, बल्कि उस सोच और कड़ी मेहनत की जीत है जिसने प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती को एक नई पहचान दी है।
कौन हैं यशपाल खोला?
यशपाल खोला पूरे इलाके में एक प्रगतिशील किसान और ऑर्गेनिक खेती के पायनियर के तौर पर जाने जाते हैं। वह अरावली किसान क्लब के अध्यक्ष हैं और लंबे समय से बिना केमिकल खाद और कीटनाशकों के खेती को बढ़ावा दे रहे हैं।
2024 के आखिर में, उन्हें चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय, हिसार द्वारा दिए गए किसान रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार उन्हें प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती के क्षेत्र में उनके शानदार योगदान के लिए दिया गया था।
रेतीले इलाकों में सफल खेती का उदाहरण पेश करना
यशपाल खोला ने रेतीले और मुश्किल इलाकों में खेती को सफल बनाया है, जहां आमतौर पर उत्पादन नामुमकिन माना जाता है। उन्होंने बिना केमिकल खाद और कीटनाशकों के फसलों की पैदावार बढ़ाई।
खास बात यह है कि 2020 में, उन्होंने गाजर के एक्सपोर्ट में हरियाणा में पहला स्थान हासिल किया, जो उनके इनोवेशन और कड़ी मेहनत का एक बेहतरीन उदाहरण है।
राष्ट्रपति भवन में तीन दिन का प्रवास
यशपाल खोला समेत देश भर से कुल सात किसानों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया है। इन किसानों ने खेती के अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम किया है और अब गणतंत्र दिवस पर उन्हें खास मेहमान के तौर पर सम्मानित किया जाएगा।
इन 6 अन्य किसानों को भी सम्मानित किया जाएगा। यशपाल खोला के साथ-साथ जिन दूसरे किसानों को न्योता मिला है, उनमें शामिल हैं:
- सुनील मान (हरियाणा): प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना
- रामशरण यादव (दिल्ली): शहरी खेती और प्राकृतिक खेती
- लक्ष्मण सिंह (मध्य प्रदेश): ऑर्गेनिक खेती और जल संरक्षण
- नंदिनी देवी (उत्तर प्रदेश): पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक खेती
- अशोक कुमार (उत्तर प्रदेश): फसल विविधीकरण और ऑर्गेनिक खाद
- जोगिंदर सिंह (पंजाब): मिट्टी के स्वास्थ्य और कीटनाशकों के कम इस्तेमाल पर काम करना
इन सभी ने अपने-अपने इलाकों में खेती को एक नई दिशा दी है।
यशपाल खोला ने गर्व जताया
इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए यशपाल खोला ने कहा कि यह न सिर्फ उनके लिए बल्कि पूरे इलाके और सभी किसानों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन सभी किसानों को प्रेरित करेगा जो प्राकृतिक खेती अपनाना चाहते हैं।








