Delhi AQI: दिल्ली-एनसीआर में सर्दी के साथ-साथ प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। पहाड़ों पर सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbance) की वजह से निचले स्तर पर बादल छाए हुए हैं, जिससे सूरज की रोशनी धरती तक नहीं पहुंच पा रही। सुबह के समय घना कोहरा और दिनभर छाई धुंध ने दृश्यता बेहद कम कर दी है। इसी बीच राजधानी की हवा इतनी खराब हो गई है कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।
दिल्ली का एक्यूआई 463, स्थिति ‘गंभीर’
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई (AQI) 463 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। आनंद विहार, वजीरपुर, विवेक विहार, और आरके पुरम जैसे इलाकों में वायु गुणवत्ता सबसे खराब पाई गई। कई जगहों पर प्रदूषण स्तर 450 से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे दिल्ली की हवा फिर “रेड जोन” में चली गई है।
दिसंबर में अब तक एक भी दिन नहीं मिली साफ हवा
सीपीसीबी की रिपोर्ट बताती है कि दिसंबर 2025 में अब तक एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब दिल्ली का एक्यूआई 200 से नीचे गया हो। यानी पूरे महीने दिल्लीवासियों को “मध्यम” या “संतोषजनक” हवा तक नसीब नहीं हुई।
पिछले साल दिसंबर 2024 में छह दिन ऐसे दर्ज किए गए थे, जब वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में थी, लेकिन इस साल हालात और बिगड़ गए हैं। इस महीने करीब 20 दिन ऐसे रहे हैं जब हवा की गुणवत्ता “गंभीर” (Severe) श्रेणी में दर्ज की गई।
प्रदूषण की मुख्य वजह: वाहन और धूल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र (CSE) और अन्य सरकारी रिपोर्टों के मुताबिक, वाहनों से निकलने वाला धुआं दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह है। उन्होंने कहा कि “निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने और प्रदूषण से निपटने के लिए सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना बेहद जरूरी है।”
इसके अलावा निर्माण कार्यों की धूल, औद्योगिक उत्सर्जन, और खेतों में जलने वाले पराली के अवशेष भी हवा को जहरीला बना रहे हैं।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से नहीं निकल रही धूप
मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ों पर सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण निचले इलाकों में बादल छाए हुए हैं। इससे सूरज की किरणें जमीन तक नहीं पहुंच पा रहीं और हवा में मौजूद प्रदूषक कण जमीनी स्तर पर फंस गए हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आज दोपहर के बाद धूप निकलने की उम्मीद है, जिससे हल्की राहत मिल सकती है।
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क्या कहता है पूर्वानुमान?
IMD और SAFAR के अनुमान के अनुसार, अगले दो दिनों तक हवा की गुणवत्ता “बहुत खराब” से “गंभीर” श्रेणी में बनी रह सकती है। तापमान में गिरावट और धीमी हवा की रफ्तार प्रदूषकों के फैलाव को रोक रही है, जिससे स्थिति में सुधार के आसार फिलहाल कम हैं।








