Hyderabad: एयरपोर्ट पर भीड़, यात्रियों में बेचैनी और चारों तरफ कड़ी सुरक्षा। दो दिन में तीन अलग-अलग फ्लाइट्स को बम धमकी मिलने के बाद हैदराबाद एयरपोर्ट हाई अलर्ट पर है। बीते 48 घंटों में जिस तरह लगातार धमकी भरे ईमेल भेजे गए, उसने सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है और अब यह मामला केवल एक अफवाह नहीं बल्कि गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा जांच का विषय बन गया है।
धमकी की शुरुआत British Airways की फ्लाइट से हुई
शनिवार सुबह लंदन के हीथ्रो से हैदराबाद आ रही British Airways की फ्लाइट BA 277 पर धमकी भरा मेल मिला। विमान सुबह साढ़े पांच बजे उतर चुका था लेकिन ईमेल मिलते ही एयरपोर्ट पर सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया। फ्लाइट खाली कराई गई, यात्रियों और क्रू से पूछताछ हुई और बैगेज से लेकर कार्गो तक हर स्तर पर चेकिंग चली। जांच के बाद राहत की खबर यह रही कि विमान में कोई विस्फोटक नहीं मिला और सभी यात्री सुरक्षित पाए गए।
कुछ ही घंटों बाद Kuwait Airways की फ्लाइट बनी दूसरा निशाना
उसी दिन दूसरा मेल Kuwait Airways की हैदराबाद आने वाली फ्लाइट KU 373 के नाम पर भेजा गया। इस धमकी के बाद विमान को बीच रास्ते से वापस कुवैत भेजने का निर्णय लिया गया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अगर यह मेल सिर्फ डर फैलाने के लिए भी भेजा गया हो तो भी रिस्क लेना संभव नहीं था क्योंकि पैसेंजर फ्लाइट्स पर इस तरह का खतरा किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
यह सिलसिला इससे पहले भी शुरू हो चुका था
5 दिसंबर को एयर इंडिया की दिल्ली से हैदराबाद आने वाली उड़ान AI 2879 के लिए भी इसी तरह ईमेल भेजा गया था। फ्लाइट रात करीब पौने नौ बजे सुरक्षित उतरी लेकिन सुरक्षा जांच उसी सख्ती के साथ की गई जैसा किसी वास्तविक खतरे में होता है। इसके अलावा इसी सप्ताह इंडिगो की मदीना से हैदराबाद आ रही फ्लाइट को भी इसी तरह की धमकी के बाद अहमदाबाद डायवर्ट किया गया था, जिसमें 180 यात्री और छह क्रू सवार थे।
अब हालात क्या हैं? सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी
एयरपोर्ट अथॉरिटी GMR का कहना है कि हर ईमेल को गंभीरता से लिया गया है और तय प्रक्रियाएं तुरंत लागू की गई हैं। जांच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों, साइबर यूनिट और इंटेलिजेंस विंग की निगरानी में चल रही है। फिलहाल एयरपोर्ट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, यात्रियों की बैगेज स्कैनिंग सख्त की गई है और एयरपोर्ट की इंट्री लेवल सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है।
अब बड़ा सवाल
क्या यह साइबर शरारत है क्या यह किसी आतंकी मॉड्यूल की टेस्टिंग है या कोई भारत की एविएशन प्रणाली की क्षमता पर दबाव बनाना चाहता है इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं और जांच एजेंसियां फिलहाल किसी संभावना को खारिज नहीं कर रही हैं।








