New Delhi: दिल्ली में सोमवार शाम एक बार फिर धमाके की आवाज़ ने राजधानी को दहला दिया। लाल किले के पास मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-1 के बाहर एक कार में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां आग की लपटों में घिर गईं। इस घटना में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी।
दिल्ली में कब-कब हुए धमाके: एक नजर इतिहास पर
राजधानी दिल्ली पहले भी कई बार आतंकवादी हमलों और बम विस्फोटों की चपेट में आ चुकी है। आइए जानते हैं, कब-कब धमाकों ने दिल्ली को दहला दिया:
- 25 मई 1996: लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट में बम विस्फोट — कम से कम 16 लोगों की मौत।
- 1 अक्टूबर 1997: सदर बाजार के पास दो बम विस्फोट — लगभग 30 लोग घायल।
- 10 अक्टूबर 1997: शांतिवन, कौड़िया पुल और किंग्सवे कैंप में तीन विस्फोट — 1 की मौत, 16 घायल।
- 18 अक्टूबर 1997: रानी बाग मार्केट में जुड़वां विस्फोट — 1 की मौत, 23 घायल।
- 26 अक्टूबर 1997: करोल बाग मार्केट में दो विस्फोट — 1 मृत, 34 घायल।
- 30 नवंबर 1997: रेड फोर्ट क्षेत्र में दो विस्फोट — 3 की मौत, 70 घायल।
- 30 दिसंबर 1997: पंजाबी बाग में बस में धमाका — 4 की मौत, 30 घायल।
- 18 जून 2000: रेड फोर्ट के पास दो विस्फोट — 2 की मौत, दर्जनभर घायल।
- 27 फरवरी 2000: पहाड़गंज में धमाका — 8 घायल।
- 16 मार्च 2000: सदर बाजार में विस्फोट — 7 घायल।
- 22 मई 2005: लिबर्टी और सत्यं सिनेमा हॉल में विस्फोट — 1 की मौत, 60 घायल।
- 29 अक्टूबर 2005: दिवाली से पहले सरोजिनी नगर, पहाड़गंज और गोविंदपुरी में तीन धमाके — 59 से ज्यादा मौतें, 100 से अधिक घायल।
- 14 अप्रैल 2006: जामा मस्जिद में दो धमाके — 14 घायल।
- 13 सितंबर 2008: करोल बाग, कनॉट प्लेस और ग्रेटर कैलाश में पांच धमाके — 26 मौतें, 90 घायल।
- 27 सितंबर 2008: महरौली के फ्लावर मार्केट में विस्फोट — 3 की मौत, 23 घायल।
- 25 मई 2011: दिल्ली हाईकोर्ट पार्किंग में विस्फोट — कोई मौत नहीं।
- 29 अक्टूबर 2025: लाल किले के पास धमाका — 11 की मौत, 20 घायल।
- क्या फरीदाबाद में मिले विस्फोटकों से जुड़ा है कोई लिंक?
दिल्ली धमाके से कुछ घंटे पहले ही हरियाणा के फरीदाबाद में पुलिस ने एक ट्रक से 3000 किलो विस्फोटक बरामद किया था। अब सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है। एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) इस दिशा में संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं।
एनआईए और दिल्ली पुलिस ने संभाली जांच
एनआईए की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में विस्फोटक पदार्थ के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। दिल्ली पुलिस ने पूरे लाल किला क्षेत्र, मेट्रो स्टेशन और आसपास के इलाकों को सील कर दिया है। साथ ही, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की बम निरोधक टीम भी मौके पर तैनात है।
दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट
धमाके के बाद दिल्ली और एनसीआर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी भीड़भाड़ वाले इलाकों, मॉल्स, रेलवे स्टेशन और मेट्रो नेटवर्क में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुंबई, नोएडा और गुरुग्राम में भी सतर्कता के आदेश जारी हुए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी पर सवाल
लगातार हो रहे धमाकों ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले दो दशकों में तकनीकी और खुफिया नेटवर्क मजबूत करने के बावजूद ऐसे हादसे यह दिखाते हैं कि आतंकी या असामाजिक तत्व अब भी कमजोरियों का फायदा उठा रहे हैं।
राजधानी की सुरक्षा बढ़ाई गई
दिल्ली पुलिस ने सभी जिलों के थाना प्रभारियों को संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। रेलवे स्टेशन, मेट्रो और हवाई अड्डों पर डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते तैनात किए गए हैं। साथ ही CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।









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