New Delhi: सुबह हरियाणा के फरीदाबाद में लगभग 3,000 किलो विस्फोटक मिला और उसके कुछ ही घंटे बाद, शाम लगभग 6:30 बजे देश की राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास एक जोरदार कार विस्फोट हुआ। क्या यह कोई साज़िश थी या सोची-समझी चाल? क्या दोनों मामलों में कोई आतंकवादी शामिल है? अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। अब जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन दोनों घटनाओं के बीच कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध है।
सुबह फरीदाबाद से मिला 3000 किलो विस्फोटक
सोमवार सुबह जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मेडिकल कॉलेज परिसर से दो AK-47 राइफल और करीब 3000 किलो विस्फोटक बरामद किया था। यह कार्रवाई श्रीनगर में गिरफ्तार डॉक्टरों की निशानदेही पर की गई थी। बताया जा रहा है कि इस विस्फोटक का इस्तेमाल किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश में किया जाना था। जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क के तार दक्षिण कश्मीर से लेकर हरियाणा तक फैले हुए हैं।
शाम को लाल किले के पास धमाका
सोमवार शाम को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक कार में जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद कार में आग लग गई और पास खड़ी तीन और गाड़ियां जलकर खाक हो गईं। इस हादसे में 10 लोगों की मौत और 30 लोग घायल हुए हैं। पुलिस और फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया।
दिल्ली में हुए धमाके के बाद LNJP अस्पताल में कई घायलों को भर्ती कराया गया है। घटनास्थल से सामने आई वीडियो धमाके की भयावह तस्वीरें दिखा रही है। जांच एजेंसियां मौके पर पहुंच चुकी हैं।#Redfort #Delhiblast #DelhiNews pic.twitter.com/YBCeeueJY6
— Sapna Srivastava (@SapnaSriva51020) November 10, 2025
क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई लिंक है?
फरीदाबाद और दिल्ली की घटनाएं एक ही दिन होना किसी संयोग से ज्यादा लगता है। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां दोनों मामलों के बीच कनेक्शन तलाश रही हैं। एनआईए (NIA), एनएसजी (NSG) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या फरीदाबाद से मिले विस्फोटक का कोई हिस्सा दिल्ली तक पहुंचा था। जांच एजेंसियां कार धमाके में इस्तेमाल हुए विस्फोटक की केमिकल संरचना का मिलान फरीदाबाद से बरामद सामग्री से कर रही हैं।
साझा नेटवर्क की संभावना
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि दोनों घटनाओं के पीछे एक संगठित मॉड्यूल काम कर रहा है, जो मेडिकल और शैक्षणिक संस्थानों की आड़ में अपनी गतिविधियां चला रहा था। फरीदाबाद मामले में शामिल डॉक्टरों के मोबाइल डेटा और बैंक लेनदेन खंगाले जा रहे हैं। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने भी यह पता लगाने के लिए कार के मालिक और पिछले 48 घंटे के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
दिल्ली और हरियाणा दोनों जगहों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने दोनों राज्यों की पुलिस से संयुक्त रिपोर्ट मांगी है। NIA की टीम ने फरीदाबाद और दिल्ली दोनों जगहों से सैंपल एकत्र कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी कम समयावधि में दो बड़ी घटनाओं का होना किसी बड़े नेटवर्क की सक्रियता की ओर इशारा करता है।
सरकार की सख्त प्रतिक्रिया
गृह मंत्रालय ने कहा है कि देश की राजधानी में ऐसी घटनाएं “सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर हमला” हैं और इसमें शामिल लोगों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। केंद्रीय जांच एजेंसियों को 48 घंटे के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।








